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वर्ष 2026-2027 के केंद्रीय बजट की मुख्‍य बातें

2026-2027 के केंद्रीय बजट

2026-2027 के केंद्रीय बजट

केंद्रीय वित्‍त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने आज संसद में वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्‍तुत किया। बजट की मुख्‍य बातें इस प्रकार हैं:-

कर्तव्‍य भवन में तैयार किया गया पहला बजट तीन कर्तव्‍यों से प्रेरित है:-

  1. पहला कर्तव्‍य – उत्‍पादकता और प्रतिस्‍पर्धा बढ़ाने  तथा वैश्विक उथल-पुथल के परिदृश्‍य में लचीलापन लाकर आर्थिक विकास को तेज करना और उसकी गति बनाए रखना
  2. दूसरा कर्तव्‍य– भारत की समृद्धि के पथ में सशक्‍त साझेदार बनाने के लिए लोगों की आकांक्षाएं पूरी करना और उनकी क्षमता बढ़ाना।
  3. तीसरा कर्तव्‍य – सरकार की सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुकूल- यह सुनिश्चित करना कि सार्थक भागीदारी के लिए प्रत्‍येक परिवार, समुदाय और क्षेत्र की संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच उपलब्‍ध हो।
  4. बजट अनुमान
  5. गैर ऋण प्राप्तियां  और कुल व्‍यय क्रमश: 36.5 लाख करोड और 53.5 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है। केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है।
  6. सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड रुपए और दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार उधारी 11.7 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है।
  1. बजट अनुमान 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
  2. वर्ष 2025-26  के बजट में संशोधित राजकोषीय घाटा 2025-26 के बजट अनुमान जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के समान है।
  3. ऋण से जीडीपी अनुपात संशोधित अनुमान 2025-26 में जीडीपी के 56.1 प्रतिशत की तुलना में बजट अनुमान 2026-27 में जीडीपी का 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
  4. पहला कर्तव्‍य– आर्थिक विकास को तेज करना और बनाए रखना तथा छह हस्‍तक्षेपों का प्रस्‍ताव है
  1. बायोफार्मा शक्ति (ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के जरिए स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल को बेहतर करने की रणनीति) की घोषणा। भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केन्‍द्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्‍य से अगले पांच वर्ष के लिए दस हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायोफार्मा शक्ति का प्रस्‍ताव।
  1. उपकरण और सामग्री बनाने, फुलस्‍टेक इंडिया आई.पी. डिजाइन करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए इंडिया सेमीकंडक्‍टर मिशन 2.0 शुरू किया जाएगा।
  2. अप्रैल 2025 में आरंभ इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स कलपुर्जे विनिर्माण योजना को गति देने के लिए बजट बढ़ाकर चालीस हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्‍ताव।
  3. खनन, प्रसंस्‍करण, अनुसंधान और विनिर्माण को प्रोत्‍साहन देने के लिए समर्पित दुर्लभ धातु गलियारों की स्‍थापना के उद्देश्‍य से खनिज समृद्ध ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को सहायता देने का प्रस्‍ताव।
  4. घरेलू रसायन उत्‍पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए कलस्‍टर आधारित बनाओ और चलाओ मॉडल के आधार पर तीन समर्पित कैमिकल पार्क स्‍थापित करने की योजना लाई जाएगी।
  5. पूंजी सामान क्षमता मजबूत करना
  6.  
  1. वस्त्र क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम की घोषणा
  1. रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर, मानवनिर्मित फाइबर और नए जमाने के फाइबर में आत्‍मनिर्भरता के लिए राष्‍ट्रीय फाइबर योजना।
  2. मशीनरी, प्रौद्योगिकी उन्‍नयन और साझा परीक्षण तथा प्रमाणन केन्‍द्रों के लिए पूंजी सहायता के साथ आधुनिक पारंपरिक क्‍लस्‍टरों के लिए वस्‍त्र विस्‍तार और रोजगार योजना।
  1. चैलेंज मोड में मेगा टेक्‍सटाइल पार्क स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव
  2. खादी, हथकरघा और हस्‍तशिल्‍प की मजबूती के लिए महात्‍मा गांधी ग्राम स्‍वराज पहल शुरू करने का प्रस्‍ताव। इससे देश के बुनकरों, ग्राम उद्योगों, एक जिला-एक उत्‍पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा।
  3. इससे वैश्विक बाजार संपर्क, ब्रांडिंग करने में मदद मिलेगी और प्रशिक्षण, कौशल, गुणवत्‍ता और उत्‍पादन को समर्थन मिलेगा।
  1. लीगेसी औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना
  1. चैंपियन एस.एम.ई. बनाना और सूक्ष्‍म उद्यमियों को समर्थन
  1. अवसंरचना को ठोस प्रोत्‍साहन
  1. इनलैंड जलमार्गों और तटीय पोत परिहवन की हिस्‍सेदारी 6 प्रतिशत से बढाकर वर्ष 2047 तक 12 प्रतिशत करने के लिए तटीय कार्गो प्रोमोशन स्‍कीम आरंभ की जाएगी।
  1.  
  2. दीर्घावधि ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्‍चत करना।
  1. शहर आर्थिक क्षेत्रों का विकास
  1.  
  2. दूसरा कर्तव्‍य– लोगों की आकांक्षाएं पूरी करना और क्षमता बढ़ाना
  1. विकसित भारत के लिए पेशेवर लोग तैयार करने
  1. आयुष
  2. तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्‍थान स्‍थापित किए जाएंगे
  1. पशुपालन
  1. ऑरेंज इकोनॉमी
  1. शिक्षा
  1. पर्यटन
  1.  
  2.  
  3.  
  4. विरासत और संस्‍कृति पर्यटन
  1. खेल
  1. तीसरा कर्तव्‍य– सबका साथ– सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है और इसके लिए निम्‍नलिखित चार क्षेत्रों में लक्षित प्रयास करने की आवश्‍यकता है:–
  2. किसानों की आय बढ़ाना
  1. उच्‍च मूल्‍य कृषि
  2. सरकार उच्‍च मूल्‍य वाली फसलों की खेती समर्थन देगी जैसे:-
  1. भारत–विस्‍तार
  1. मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य और ट्रॉमा केयर के लिए प्रतिबद्धता
  1. पूर्वोदय राज्‍यों और उत्‍तर–पूर्व क्षेत्र पर ध्‍यान
  1. 16वां वित्‍त आयोग
  1.  
  2. भाग-2
  3. प्रत्‍यक्ष कर
  4. नया आय कर अधिनियम
  1. जीवन जीने की सुगमता
  1. टी.सी.एस. को तार्किक बनाना
  1. सहकारिता
  1. भारत के विकास इंजन के रूप में आई.टी. क्षेत्र को सहायता
  1. वैश्विक व्‍यापार और निवेश आकर्षित करना
  1. कर प्रशासन
  1.  
  2. अन्‍य कर प्रस्‍ताव
  1. अप्रत्‍यक्ष कर :
  2. शुल्‍क सरलीकरण
  3. समुद्री, चमड़ा और वस्त्र उत्पाद

ऊर्जा संक्रमण एवं सुरक्षा :

न्यूक्लियर पावर:

महत्वपूर्ण खनिज:

बायोगैस मिश्रित सीएनजी:

असैनिक एवं रक्षा विमानन:

इलैक्ट्रॉनिक्स:

विशेष आर्थिक क्षेत्र:

जीवन की सुगमता:

  1. 7 अतिरिक्त असाध्य रोगों के लिए दवाओं/औषधियों के व्यक्तिगत निर्यात को कर मुक्त किया जाएगा। 

67. सीमा-शुल्क सरलीकरण प्रक्रिया

वस्तुओं के सुगम और त्वरित संचालन में कम से कम हस्तक्षेप

68. विश्वास आधारित प्रणालियां

69. व्यापर सुगमता

70. निर्यात के नए अवसर

  1. सभी बकायों का भुगतान करके विवादों का समाधान चाहने वाले ईमानदार करदाता अतिरिक्त राशि का भुगतान करके अपने मामले बंद कर सकेंगे।

स्रोत: पीआईबी

 (अस्वीकरण: संदेशवार्ता डॉट कॉम द्वारा इस रिपोर्ट के केवल शीर्षक, तस्वीर और कुछ वाक्यों पर फिर से काम किया गया हो सकता है; शेष सामग्री एक सिंडिकेटेड फ़ीड से स्वतःउत्पन्न हुआ है।)

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