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अलविदा आशा जी: सुर साम्राज्ञी का 92 साल की उम्र में निधन, प्रधानमत्री ने शोक व्यक्त की, अंतिम संस्कार मुंबई में होगा

मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले का रविवार दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने ANI को इस खबर की पुष्टि की।

उन्होंने कहा, “मेरी माँ का आज निधन हो गया। लोग कल सुबह 11 बजे लोअर परेल के कासा ग्रांडे में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहाँ वह रहती थीं। उनका अंतिम संस्कार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।”

इस दिग्गज गायिका को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती ज़नाई भोसले ने इससे पहले X पर बताया था कि उन्हें “बहुत ज़्यादा थकान और सीने में इन्फेक्शन” के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

भारतीय संगीत की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में से एक, आशा भोसले ने अपने पार्श्व गायन करियर की शुरुआत 1943 की मराठी फ़िल्म ‘माझा बाल’ से की थी। दशकों के दौरान, उन्होंने ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘दो लफ़्ज़ों की है दिल की कहानी’, ‘ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाले जाने जहाँ’ और ‘ये लड़का हाय अल्लाह कैसा है दीवाना’ जैसे कई सदाबहार गीत दिए। उन्होंने लगभग 20 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए।

कई दशकों तक चले अपने करियर में, उन्होंने आर. डी. बर्मन, ओ. पी. नैयर, इलैयाराजा, बप्पी लाहिड़ी और ए. आर. रहमान जैसे मशहूर संगीतकारों के साथ काम किया। 2006 में, उन्होंने बताया था कि उन्होंने लगभग 12,000 गाने रिकॉर्ड किए हैं।

आशा भोसले को 2000 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार और 2008 में पद्म विभूषण सहित कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज आशा भोसले जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी दशकों की असाधारण संगीतमय यात्रा ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और विश्व भर में अनगिनत दिलों को छुआ। श्री मोदी ने कहा कि चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या जीवंत रचनाएँ, उनकी आवाज़ में एक शाश्वत दमक थी, और उन्होंने कहा कि उनके साथ हुई मुलाकातों को वे हमेशा संजोकर रखेंगे।

प्रधानमंत्री ने उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा कि वे पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत लोगों के जीवन में सदा गूंजते रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा:

‘’भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक आशा भोसले जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। उनकी दशकों की असाधारण संगीतमय यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या जीवंत रचनाएं, उनकी आवाज में एक शाश्वत दमक थी। उनके साथ हुई मुलाकातों को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा।
उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। वे पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।‘’

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