भारत सरकार की ‘सहकार से समृद्धि’ की परिकल्पना के अनुरूप सहकारिता मंत्रालय द्वारा सहकारी क्षेत्र के सशक्तीकरण और समावेशी, नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं । बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के अधीन पंजीकृत, भारत टैक्सी की स्थापना दिनांक 6 जून, 2025 को सहकारिता के क्षेत्र में कार्यरत राष्ट्रीय स्तर के 8 संस्थानों द्वारा की गई है । इस प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताएं निम्नानुसार हैं:
- सहकारी स्वामित्व मॉडल: इस प्लेटफॉर्म को एक बहुराज्य सहकारी समिति के रूप में संरचित किया गया है जिसमें सारथी और वाहन मालिक, सदस्य और हितधारकों के रूप में भाग लेते हैं जिससे सामूहिक स्वामित्व और शासन में भागीदारी सक्षम होती है ।
- लोकतांत्रिक शासन: सहकारी समिति को सदस्यों द्वारा निर्वाचित निदेशक मंडल के माध्यम से प्रशासित किया जाता है जो सहभागी निर्णयन और प्रचालनों का लोकतांत्रिक पर्यवेक्षण सुनिश्चित करता है । सारथी के हितों का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए दो निर्वाचित सारथी प्रतिनिधियों को निदेशक मंडल में शामिल किया जाता है ।
- सारथी केंद्रित प्लेटफॉर्म : कमीशन-आधारित एग्रीगेटर मॉडल के विकल्प के रूप में सदस्य-स्वामित्व वाला एक डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बनाने की इस पहल का उद्देश्य सारथियों को प्लेटफॉर्म के स्वामित्व में भाग लेते हुए अपनी कमाई बनाए रखने में सक्षम बनाना है ।
- किफायती और पारदर्शी सेवाएं: इस प्लेटफॉर्म का लक्ष्य नागरिकों के लिए पारदर्शी किराया संरचना और किफायती मोबिलिटी सेवाएं प्रदान करना है जिसमें कम आय वाले और सीमांत समूहों की पहुंच पर विशेष जोर दिया गया है ।
- डिजिटल मोबिलिटी अवसंरचना: यह प्लेटफॉर्म राइड बुकिंग, वाहन ट्रैकिंग, डिजिटल भुगतान और ग्राहक सहायता के लिए प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रणालियों का लाभ उठाएगा जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए दक्षता, पारदर्शिता और सुगम पहुंच सुनिश्चित होगी ।
- सारथी कल्याण और आजीविका सुरक्षा: इस पहल का उद्देश्य उचित आय के अवसरों, सामाजिक सुरक्षा उपायों, सम्मानजनक कार्यस्थिति और सहकारी स्वामित्व को प्रोत्साहित करना है जिससे सारथियों की आजीविका सुरक्षा सशक्त हो सके ।
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म का वित्तीय और प्रचालन संरचना सारथी -केंद्रित राजस्व मॉडल के साथ सहकारी सिद्धांतों पर आधारित है । किराया निर्धारण प्रणाली सहकारी समिति द्वारा प्रचालन लागत, निर्धारित दूरी और मौजूदा बाजार स्थितियों को ध्यान में रखते हुए तय किया जाता है जिससे सारथियों और सवारियों के बीच सर्वोत्तम संभव मिलान की सुविधा प्राप्त हो सके । मूल्य निर्धारण प्रणाली को पारदर्शी और विनियमित किराया सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जिसमें समय-समय पर समीक्षा की जाती है और सभी हितधारकों को किराया संरचनाओं की सूचना दी जाती है । भारत टैक्सी द्वारा सारथियों से कोई कमीशन नहीं लिया जाता है । सहकारी संरचना यह सुनिश्चित करती है कि लागू वैधानिक शुल्कों के उपरांत पूरी किराया राशि सीधे सारथी सदस्यों को मिले जिससे उनकी आय अधिकतम हो और एक निष्पक्ष और न्यायोचित मोबिलिटी परितंत्र को बढ़ावा मिले । यह समिति सहकारी विनियमों के अनुसार शेयर पूंजी अंशदानों, सदस्यता शुल्क और अन्य अनुमेय स्रोतों के माध्यम से संसाधन जुटाती है । भारत सरकार ने भारत टैक्सी में कोई निवेश नहीं किया है और इसका, अन्य एग्रीगेटर्स के संबंध में समान अवसर पर प्रतिस्पर्धा करने का अनुमान है ।
भारत टैक्सी वर्तमान में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र- दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ एवं द्वारका में प्रचालनरत है । भारत टैक्सी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में देश भर में टियर-2 और टियर-3 शहरों में चरणबद्ध तरीके से तहसील स्तर तक अपनी सेवाओं का विस्तार करना है जिससे व्यापक भौगोलिक क्षेत्र में किफायती और सहकारिता-आधारित मोबिलिटी सेवाओं तक पहुंच में वृद्धि हो ।
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म को डिजिटल लेनदेन और एकीकृत सेवा प्रदाय का समर्थन करने वाली प्रौद्योगिकी-सक्षम मोबिलिटी प्रणाली के रूप में डिजाइन किया गया है । इस प्लेटफ़ॉर्म की संरचना जहां कहीं संभव हो, व्यापक मोबिलिटी परितंत्र और डिजिटल कॉमर्स संरचना के साथ भविष्य की अंतरप्रचालनीयता की अनुमति देती है । भारत टैक्सी ओएनडीसी नेटवर्क के माध्यम से अंतरप्रचालनीय है जहां भारत टैक्सी की सेवा ओएनडीसी के डिजिहाट, बॉब राइड्स और वनटिकट मोबिलिटी डिमांड ब्रांडों में दिखाई देती है । तकनीकी रूप से कोई भी डिमांड प्लेटफॉर्म (मोबिलिटी) सेवा जो ओएनडीसी नेटवर्क पर है, विहित अनुमति के पश्चात् भारत टैक्सी सेवा पर प्लग-इन कर सकती है ।
वित्तीय प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ साझेदारी के माध्यम से डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध हैं । इसके अतिरिक्त, प्लेटफॉर्म ने प्रचालन पारदर्शिता और सारथी कल्याण को सशक्त करने के लिए डिजिटल भुगतान एकीकरण, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं और सारथियों को बीमा सहायता के लिए अनेक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन किए हैं ।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
स्रोत: पीआईबी
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