संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025
सहकारिता मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र-अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (आईवाईसी)-2025 को मनाने के लिए “सहकारिताएँ एक बेहतर विश्व का निर्माण करती हैं” विषय के साथ कई विशेष पहल और कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिसे आधिकारिक तौर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2024 में आयोजित आईसीए वैश्विक सहकारी सम्मेलन में शुरू किया गया था। इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप समावेशी, भागीदारी और सतत विकास को बढ़ावा देने में सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया है।
आईवाईसी 2025 को चिह्नित करने के लिए, मंत्रालय ने सहकारी क्षेत्र के सभी हितधारकों के सहयोग से आईवाईसी के लिए एक व्यापक वार्षिक कार्य योजना तैयार की, जिसे माननीय गृह और सहकारिता मंत्री द्वारा 24 जनवरी 2025 को मुंबई, महाराष्ट्र में जारी किया गया। समन्वित योजना और कार्यान्वयन के लिए मंत्रालय ने आईवाईसी-राष्ट्रीय सहकारी समिति, आईवाईसी-राष्ट्रीय निष्पादन समिति और आईवाईसी-राज्य शीर्ष समितियों का गठन किया। इसके अलावा, आईवाईसी के कार्यों को राज्य सहकारी विकास समितियों और जिला सहकारी विकास समितियों के संदर्भ में भी शामिल किया गया था।
इसके साथ देश भर में व्यापक जागरूकता और आउटरीच गतिविधियाँ चलाई गई हैं। भारतीय रेल के इलेक्ट्रॉनिक टिकटों, आधिकारिक वेबसाइटों और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के पत्राचार तथा अमूल द्वारा दैनिक दूध पैकेटों सहित सहकारी उत्पाद पैकेजिंग पर आईवाईसी लोगो को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। यह लोगो स्टार स्पोर्ट्स और जियो हॉटस्टार के नौ चैनलों पर प्रसारित महिला प्रीमियर लीग 2025 के सभी मैचों के दौरान भी प्रदर्शित किया गया।
राष्ट्रीय संघों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा विभिन्न प्रमुख गतिविधियों का आयोजन किया गया। माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा बिहार में 62,500 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाले 25 पैक्स गोदामों का शिलान्यास। मध्य प्रदेश ने अप्रैल में माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने गुजरात के गांधीनगर में इफको की कलोल शाखा के स्वर्ण जयंती समारोह की अध्यक्षता की और बीज अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी।
राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पहल 30 जून 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में माननीय गृह और सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में राज्य सहकारिता मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन था। देश के पहले सहकारी विश्वविद्यालय, “त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय” की आधारशिला माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा 05.07.2025 को आणंद, गुजरात में रखी गई। सहकारिता मंत्रालय के चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर 06 जुलाई, 2025 को एक राष्ट्रीय कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के दौरान सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, राष्ट्रीय सहकारी संघों और अन्य सहकारी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के साथ “एक पेड मां के नाम” अभियान के तहत एक समर्पित वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। 25 से अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने आईवाईसी-2025 के अंतर्गत इस वृक्षारोपण अभियान के लिए अपनी कार्य योजना भेजी है।
इसके अलावा, देश भर में क्षमता निर्माण और जागरूकता पैदा करने, वॉकथॉन, साइक्लोथॉन, “स्वच्छता में सहयोग” अभियान के तहत स्वच्छता अभियान, सहकारी प्रदर्शनियां और युवा और महिला भागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। आईवाईसी के उपलक्ष्य में और सहकारी क्षेत्र की उपलब्धियों को सामने लाने के लिए जुलाई 2025 में कुरुक्षेत्र पत्रिका का एक विशेष संस्करण प्रकाशित किया गया है। आईवाईसी-2025 आयोजन के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा मंत्रालय को दी गई प्रमुख गतिविधियों का विवरण अनुलग्नक-ए में दिया गया है। शेष वर्ष के दौरान, आईवाईसी-2025 के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा इसी तरह के विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
सहकारी क्षेत्र के लिए बेंचमार्किंग मानदंड विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2026 से आगे के लिए सहकारी क्षेत्र के लिए व्यापार सुधार कार्य योजना तैयार करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। सभी हितधारकों द्वारा पूरे वर्ष की गतिविधियों पर एक समेकित वार्षिक रिपोर्ट वर्ष के अंत में तैयार करने का प्रस्ताव है।
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यह जानकारी सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
स्रोत: पीआईबी
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