वाराणसी: उत्तर प्रदेश के परिषद के विद्यालयों में जापानी मॉडल पर स्वच्छता का स्कूल स्थापित किया जाएगा। इस अभियान के दौरान बच्चों को साफ-सफाई की शिक्षा देने के साथ संक्रामक रोगों से बचने के उपाय भी बताए जाएंगे। जिले के सभी स्कूलों में शुक्रवार से स्वच्छता अभियान शुरू किया गया. संक्रामक रोगों का खतरा बारिश और बाढ़ के बाद जिले में काफी बढ़ गया है,ऐसे में स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को इस तरह की बीमारियों का सबसे ज्यादा खतरा होता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पूर्व में स्कूलों में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए थे,इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को पहले स्वच्छता अभियान की तैयारी कर ली है,बीएसए डॉ. अरविंद पाठक ने बताया कि स्वच्छता के लिए जापानी मॉडल की तर्ज पर काम किया जाएगा और स्कूल के शिक्षक और बच्चे पूरे परिसर, खेल के मैदान, कक्षा, शौचालय-मूत्रालय आदि की सफाई एक साथ मिलकर करेंगे।
अनावश्यक घास व खरपतवार परिसर से हटाकर जल जमाव स्थलों पर चूना छिड़का जाएगा। सुबह आठ से नौ बजे तक सभी अधिकारी गोद लिए गए स्कूलों में उपस्थित रहेंगे,इसके अतिरिक्त स्कूलों में बच्चों के लिए ‘हैंड वॉश सेशन’ भी आयोजित किया जाएगा,ताकि वे साफ-सफाई के साथ-साथ अपनी सुरक्षा की भी आदत सिख सके। इस शुक्रवार के बाद यह अभियान अब हर महीने चलाया जाएगा।
क्या है जापानी मॉडल?
बच्चों में आत्मनिर्भरता की आदत डालने के लिए जापान में स्कूल में कक्षा, मैदान और शौचालय की सफाई की जाती है,जिसमे बच्चे और शिक्षक भी शामिल होते हैं। साफ-सफाई का यह तरीका जापानी मॉडल के नाम से पूरे विश्व में प्रचलित है।
