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सरकार ने भरोसा दिलाया है कि नए UGC दिशानिर्देशों का दुरुपयोग नहीं होगा

UGC बिल के पास होने बाद से पुरे देश में इसके विरोध को देखते हुए सरकार ने यह आश्वस्त किया है कि नए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के दिशानिर्देश कैंपस में जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करने के लिए हैं और इनका गलत इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। कल मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह केंद्र, राज्य सरकारों और UGC की ज़िम्मेदारी है कि भेदभाव के नाम पर कानून का कोई गलत इस्तेमाल न हो। मंत्री ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में है और सभी काम संविधान के दायरे में किए जाएंगे।

इससे पहले, इस महीने की 13 तारीख को जारी एक रेगुलेशन में UGC ने कहा था कि उच्च शिक्षा संस्थानों को जाति-आधारित या किसी भी तरह के भेदभाव को खत्म करने के लिए समान अवसर केंद्र, इक्विटी कमेटियां, शिकायत निवारण प्रणाली और चौबीसों घंटे हेल्पलाइन स्थापित करनी होंगी। सरकार के अनुसार, इन उपायों का मकसद सभी छात्रों के लिए सुरक्षित, ज़्यादा समावेशी सीखने का माहौल बनाना और भेदभाव विरोधी ढांचे को मज़बूत करना है।

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