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भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 114वें मन की बात के संबोधन के दौरान, रोजगार की तेजी से बदलती प्रकृति और
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भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 114वें मन की बात के संबोधन के दौरान, रोजगार की तेजी से बदलती प्रकृति और
Read Moreरिया सिंघा को मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 का ताज पहनाया गया है और अब वह वैश्विक मिस यूनिवर्स 2024 प्रतियोगिता
Read Moreकेंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री. नितिन गडकरी ने आज महाराष्ट्र के नागपुर में नागपुर-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग -44 के
Read Moreगोवा के नेवल वॉर कॉलेज में 25 सितंबर, 2024 को अवैध, अघोषित और अनियमित (आईयूयू) रूप से मछली पकड़ने पर इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (आईओआरए) सेमिनार के दूसरे संस्करण का आयोजन किया
Read Moreपोषण माह 2024’ पोषण जागरूकता को बढ़ावा देने और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में कार्रवाई को प्रेरित करने वाला एक
Read Moreभारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में सशक्त बनाने के लिए 25 सितंबर, 2014 को शुरू की गई ‘मेक
Read Moreएक बड़े बदलाव के तहत, जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत एशिया पावर इंडेक्स में तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बन गया
Read Moreभारत जैसे-जैसे 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करने की ओर आगे बढ़ रहा है, सरकार यह
Read Moreभारतीय नौसेना ‘नाविका सागर परिक्रमा’ अभियान के दूसरे संस्करण के साथ दुनिया का चक्कर लगाने के असाधारण मिशन पर निकलने
Read Moreभारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और अमरीकी विदेश विभाग के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मामलों के ब्यूरो ने दोनों देशों के बीच घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने तथा बेहतर सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जुलाई, 2024 में एक सांस्कृतिक संपदा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसका लक्ष्य सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा व्यक्त की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करना है, जैसा कि जून 2023 में उनकी बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में परिलक्षित होता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अमरीका की यात्रा के अवसर पर अमरीकी पक्ष ने भारत से चोरी की गयी अथवा तस्करी के माध्यम से ले जायी गयी 297 प्राचीन वस्तुओं की वापसी में सहायता की है। इन्हें शीघ्र ही भारत को वापस लौटा दिया जाएगा। डेलावेयर के विलमिंगटन में द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन को प्रतीकात्मक रूप से कुछ चुनिंदा वस्तुएं सौंपी गईं। प्रधानमंत्री ने इन कलाकृतियों की वापसी में सहयोग के लिए राष्ट्रपति बाइडेन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ये पुरावशेष न केवल भारत की ऐतिहासिक भौतिक संस्कृति का हिस्सा थे, बल्कि भारतीय सभ्यता एवं चेतना का आंतरिक आधार भी थे। ये पुरावशेष वस्तुएं लगभग 4000 वर्ष पुरानी समयावधि
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