Kaynes Semicon प्लांट

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के साणंद में Kaynes Semicon प्लांट का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के साणंद में Kaynes Technology के सेमीकंडक्टर प्लांट का शुभारंभ किया। इसके साथ ही इस केंद्र में उत्पादन कार्य शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि वे 28 फरवरी को Micron प्लांट में उत्पादन शुरू होने के अवसर पर साणंद में मौजूद थे, और ठीक एक महीने बाद Kaynes की इस उपलब्धि के अवसर पर फिर से यहाँ आए हैं। प्रधानमंत्री ने भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा की गति की जानकारी दी। श्री मोदी ने कहा, “यह महज़ एक संयोग नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम कितनी तेज़ी से विकसित हो रहा है।” प्रधानमंत्री ने Kaynes Technology के नेतृत्व, गुजरात सरकार और प्लांट में कार्यरत सभी कर्मचारियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि एक भारतीय कंपनी ने सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा है। उन्होंने बताया कि Kaynes अब वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बन गई है। श्री मोदी ने कहा, “यह एक शानदार शुरुआत है। आने वाले दिनों में, कई भारतीय कंपनियाँ वैश्विक सहयोग के माध्यम से दुनिया को मज़बूत सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला प्रदान करेंगी।” प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की यह उपलब्धि वास्तव में ‘Make in India, Make for the World’ (भारत में बनाओ, दुनिया के लिए बनाओ) के मंत्र को साकार करती है।  यह प्लांट कैलिफ़ोर्निया स्थित एक कंपनी को ‘इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स’ की आपूर्ति कर रहा है और इसके उत्पादन का बड़ा हिस्सा पहले ही निर्यात के लिए बुक हो चुका है। उन्होंने कहा कि साणंद और सिलिकॉन वैली के बीच असल में एक नया पुल बन गया है। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “साणंद में बने ये मॉड्यूल्स अमरीकी कंपनियों तक पहुँचेंगे और वहाँ से पूरी दुनिया को ऊर्जा प्रदान करेंगे।” प्रधानमंत्री ने इस फ़ैक्टरी में बन रहे इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स के रणनीतिक महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि ये भारत और दुनिया, दोनों जगह इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम और भारी उद्योगों को मज़बूत करेंगे। उन्होंने ऐसी वैश्विक साझेदारियों को दुनिया के बेहतर भविष्य की नींव बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “यह सिर्फ़ एक प्रोडक्ट की बात नहीं है, यह भारत के वैश्विक बाज़ार में भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर बनने की बात है।” महामारी से लेकर भू-राजनीतिक संघर्षों तक इस दशक में आई चुनौतियों पर विचार करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन, खासकर चिप्स, दुर्लभ खनिज और ऊर्जा के क्षेत्र में, सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन सप्लाई चेन में रुकावटें पूरी मानवता की प्रगति में बाधा डालती हैं। श्री मोदी ने कहा, “भारत जैसे लोकतांत्रिक देश का इस दिशा में आगे बढ़ना पूरी दुनिया के विकास के लिए बहुत ज़रूरी है।” प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने का संकल्प कोविड महामारी के दौरान ही लिया गया था, जिसके कारण 2021 में इंडिया-सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता का असर एआई, इलेक्ट्रिक वाहनों, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता के रूप में दिखता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,

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