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शॉपिंग में जेनरेटिव AI की भूमिका बढ़ रही है, जिससे AI-आधारित खरीदारी संभव हो सकेगी।

मैकिन्से की एक रिपोर्ट के अनुसार, जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ग्राहकों की खरीदारी में तेज़ी से अहम भूमिका निभाने वाला है। यह प्रोडक्ट खोजने और रिसर्च करने के टूल से बदलकर खरीदारों की तरफ़ से ट्रांज़ैक्शन पूरे करने में सक्षम टूल बन रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि AI टेक्नोलॉजी में तरक्की और ग्राहकों का वैल्यू और किफ़ायती कीमतों पर लगातार ध्यान देने की वजह से लोगों के प्रोडक्ट खोजने, खरीदारी का फ़ैसला लेने और पैसे खर्च करने के तरीके बदल रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, “तेज़ी से विकसित हो रहे AI मॉडल लोगों के खरीदारी के तरीके को बदल रहे हैं।” इसमें यह भी बताया गया है कि युवा ग्राहक, खासकर ‘जेनरेशन Z’ (Gen Z), इस बदलाव में सबसे आगे हैं।

मैकिन्से ने खरीदारी के व्यवहार पर AI-पावर्ड टूल, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के बढ़ते असर को “खरीदारी का नया टेक्नोलॉजी-आधारित रास्ता” बताया है।

ग्राहक सर्वे के अनुसार, सोशल मीडिया खरीदारी की प्रक्रिया के हर चरण में ज़्यादा अहम होता जा रहा है और Gen Z ग्राहकों के लिए सबसे ज़रूरी चैनल बनकर उभरा है।

रिपोर्ट में पाया गया कि 28 प्रतिशत Gen Z ग्राहक पहले से ही खरीदारी के लिए जेनरेटिव AI टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि ‘बेबी बूमर्स’ (baby boomers) में यह आंकड़ा 16 प्रतिशत है। इसमें यह भी बताया गया कि 60 प्रतिशत Gen Z लोग पारंपरिक सर्च प्लेटफ़ॉर्म पर दिखाए जाने वाले AI-जनरेटेड ओवरव्यू का नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं, जबकि बेबी बूमर्स में यह आंकड़ा 29 प्रतिशत है।

हालांकि सोशल मीडिया और AI टूल का असर बढ़ रहा है, लेकिन इनके व्यापक इस्तेमाल में ग्राहकों का भरोसा एक अहम कारक बना हुआ है। रिपोर्ट में देखा गया कि बेबी बूमर्स की तुलना में Gen Z ग्राहकों का इन प्लेटफ़ॉर्म पर भरोसा कम है।

साथ ही, यूज़र के व्यवहार में बदलाव के बावजूद पारंपरिक सर्च ऑनलाइन खरीदारी का एक अहम हिस्सा बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 के बाद से कुल वेब ट्रैफ़िक में 8 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन सर्च एक्टिविटी बढ़ रही है, भले ही प्रति यूज़र सर्च की संख्या कम हो रही है।

रिपोर्ट में कहा गया, “जैसे-जैसे AI-जनरेटेड समरी और बातचीत वाले इंटरफ़ेस विकसित हो रहे हैं, सर्च प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करने का अनुभव तेज़ी से बदल रहा है।”

स्टडी में यह भी बताया गया है कि कैसे बड़ी टेक्नोलॉजी, रिटेल और पेमेंट कंपनियाँ डिजिटल कॉमर्स के अगले चरण के लिए तैयारी कर रही हैं। Shopify, Amazon और Walmart जैसी कंपनियाँ AI-इनेबल्ड ट्रांज़ैक्शन के लिए आम मानकों को अपना रही हैं, जिससे AI एजेंट कई रिटेलर्स के बीच प्रोडक्ट की तुलना कर सकें, लॉयल्टी फ़ायदे लागू कर सकें और खरीदारी पूरी कर सकें।

नतीजतन, उम्मीद है कि ग्राहक के फ़ैसला लेने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में जेनरेटिव AI का इस्तेमाल ज़्यादा व्यापक रूप से किया जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है, “कंज्यूमर के फ़ैसला लेने की प्रक्रिया के आखिरी चरण—यानी खरीदारी पूरी करने—में जेनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल और ज़्यादा होगा।”

मैकिन्से ने बताया कि AI-आधारित खरीदारी—जिसे अक्सर “एजेंटिक कॉमर्स” कहा जाता है—के बढ़ने से कंज्यूमर्स के लिए “दोहरे रास्ते” (dual front door) खुल सकते हैं। इससे वे या तो रिटेलर के AI सिस्टम के ज़रिए या सीधे जेनरेटिव AI प्लेटफ़ॉर्म पर ही ट्रांज़ैक्शन पूरे कर सकेंगे।

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