पहलगाम हमला: 26 लोग हताहत, कई घायल; अधिकतर पर्यटक
पहलगाम, 22 अप्रैल: आतंकवादियों ने मंगलवार दोपहर कश्मीर के पहलगाम शहर के पास एक प्रसिद्ध घास के मैदान पर गोलीबारी
Read Moreदेश से जुड़ी हर खबर
पहलगाम, 22 अप्रैल: आतंकवादियों ने मंगलवार दोपहर कश्मीर के पहलगाम शहर के पास एक प्रसिद्ध घास के मैदान पर गोलीबारी
Read Moreप्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने शनिवार को कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में है।
Read Moreवर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (वेव्स) के तहत एक प्रमुख पहल के रूप में लॉन्च किये गए क्रिएट इन
Read Moreभारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने यह घोषणा करते हुए खुशी जताई कि 18 अप्रैल को विश्व स्तर पर मनाए जाने
Read Moreभारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास डस्टलिक का छठा संस्करण आज विदेशी प्रशिक्षण नोड, पुणे के औंध में शुरू हुआ। यह अभ्यास 16 से
Read Moreप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज हरियाणा के यमुनानगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। हरियाणा के
Read Moreहनुमान जयंती हिंदू पौराणिक कथाओं में सबसे अधिक पूजनीय देवताओं में से एक भगवान हनुमान के जन्म का प्रतीक है।
Read Moreभारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने आज मध्य प्रदेश के अशोकनगर
Read Moreनवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत प्रगति की रिपोर्ट
Read More“समग्र स्वास्थ्य देखभाल बहुत बड़ा आकर्षण बनी हुई है। बेहतरीन डॉक्टर होम्योपैथी का रुख कर रहे हैं। समग्र स्वास्थ्य देखभाल का माहौल बना हुआ है। तनावपूर्ण जीवन से तनाव मुक्त जीवन का रुख करने का माहौल बना हुआ है।” – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सारांश: · विश्व होम्योपैथी दिवस हर साल 10 अप्रैल को मनाया जाता है। · होम्योपैथी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी चिकित्सा प्रणाली है। · 2025 में, विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर भारत गुजरात के गांधीनगर में अपनी विशालतम होम्योपैथिक संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है। · भारत में 3.45 लाख पंजीकृत होम्योपैथी डॉक्टर, 277 होम्योपैथी अस्पताल, 8,593 होम्योपैथी औषधालय और 277 होम्योपैथी शिक्षण संस्थान हैं। · राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) पूर्ववर्ती 1973 अधिनियम को आधुनिक 2020 अधिनियम से बदलते हुए शिक्षा और प्रैक्टिस को नियंत्रित करता है है। · केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) द्वारा साक्ष्य-आधारित होम्योपैथी को आगे बढ़ाते हुए 35 से अधिक शोध केंद्रों और ओपीडी का संचालन किया जाता है। · फार्माकोपिया आयोग (पीसीआईएम एंड एच) मानक फार्माकोपिया और परीक्षण प्रयोगशालाओं के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं सुनिश्चित करता है। · होम्योपैथी केंद्रीय परिषद अधिनियम, 1973 को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग अधिनियम, 2020 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया ताकि पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित नियामक ढांचे के माध्यम से होम्योपैथिक शिक्षा, प्रैक्टिस और अनुसंधान को आधुनिक बनाया जा सके और उसमें सुधार किया जा सके। परिचय
Read More